आयकर अधिनियम के तहत सामान्य कटौती और छूट (Common Deductions and Exemptions Under Income Tax Act)
Common Deductions and Exemptions Under Income Tax Act
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आयकर दाखिल करते समय, कर योग्य आय को कम करने के लिए विभिन्न कटौती और छूट का दावा किया जा सकता है. इससे आपका कर दायित्व कम हो जाता है. आइए, आयकर अधिनियम के तहत कुछ सामान्य कटौती और छूट को समझते हैं:
कटौती (Deductions)
कटौती वे खर्च होते हैं जिन्हें आप अपनी सकल आय (Gross Total Income) में से घटा सकते हैं. इससे आपकी कर योग्य आय कम हो जाती है.
कुछ सामान्य कटौती इस प्रकार हैं:धारा 80C के तहत कटौती: यह सबसे लोकप्रिय कटौती है. इसमें पीपीएफ (PPF), इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS), जीवन बीमा प्रीमियम आदि जैसे निवेशों पर किया गया खर्च शामिल है. वर्तमान में, अधिकतम कटौती सीमा ₹1.5 लाख है.
हाउस रेंट अलाउंस (HRA): वेतनभोगी किराए के मकान के लिए भुगतान किए गए किराए के एक हिस्से को कटौती के रूप में दावा कर सकते हैं.
मानक कटौती (Standard Deduction): वेतनभोगी या पेंशनभोगी वेतनभोगियों के लिए ₹40,000 और पेंशनभोगियों के लिए ₹25,000 की राशि को मानक कटौती के रूप में घटा सकते हैं.
स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम: अपने और अपने आश्रितों के लिए भुगतान किए गए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर धारा 80D के तहत कटौती का दावा किया जा सकता है.
ध्यान दें: यह सिर्फ उदाहरण हैं. आयकर अधिनियम में कई अन्य कटौती का भी प्रावधान है.
छूट (Exemptions)
छूट कुछ ऐसी आय होती है जिन पर आपको कर नहीं देना होता है. इसे आपकी कुल आय में से घटा दिया जाता है.
कुछ सामान्य छूट इस प्रकार हैं:मूल छूट (Basic Exemption): वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए, ₹2.5 लाख तक की आय पर कोई कर नहीं लगता है.
ब्याज आय पर छूट: सावधि जमा (Fixed Deposit) या बैंक खाते आदि से प्राप्त ब्याज आय की एक निश्चित सीमा तक छूट दी जा सकती है.
शिक्षा ऋण पर ब्याज: शिक्षा ऋण पर भुगतान किए गए ब्याज पर धारा 80E के तहत कटौती का दावा किया जा सकता है.
विकलांगता के लिए छूट: विकलांग व्यक्तियों को धारा 80U के तहत उनकी आय पर छूट का लाभ मिल सकता है.
निष्कर्ष (Conclusion)
आयकर कटौती और छूट का सही से उपयोग करने से आप अपनी कर देनदारी को काफी कम कर सकते हैं. हालाँकि, कर कानून जटिल होते हैं, इसलिए किसी भी कटौती या छूट का दावा करने से पहले आयकर अधिनियम को仔细阅读 (careful reading - zi xi dute yue du) करने या किसी कर सलाहकार से सलाह लेने की सलाह दी जाती है.
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- Common Deductions and Exemptions Under Income Tax Act
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आयकर अधिनियम के तहत सामान्य कटौती और छूट (Common Deductions and Exemptions Under Income Tax Act)
आयकर दाखिल करते समय, कर योग्य आय को कम करने के लिए विभिन्न कटौती और छूट का दावा किया जा सकता है. इससे आपका कर दायित्व कम हो जाता है. आइए, आयकर अधिनियम के तहत कुछ सामान्य कटौती और छूट को समझते हैं:
कटौती (Deductions)
कटौती वे खर्च होते हैं जिन्हें आप अपनी सकल आय (Gross Total Income) में से घटा सकते हैं. इससे आपकी कर योग्य आय कम हो जाती है.
कुछ सामान्य कटौती इस प्रकार हैं:
- धारा 80C के तहत कटौती: यह सबसे लोकप्रिय कटौती है. इसमें पीपीएफ (PPF), इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS), जीवन बीमा प्रीमियम आदि जैसे निवेशों पर किया गया खर्च शामिल है. वर्तमान में, अधिकतम कटौती सीमा ₹1.5 लाख है.
- हाउस रेंट अलाउंस (HRA): वेतनभोगी किराए के मकान के लिए भुगतान किए गए किराए के एक हिस्से को कटौती के रूप में दावा कर सकते हैं.
- मानक कटौती (Standard Deduction): वेतनभोगी या पेंशनभोगी वेतनभोगियों के लिए ₹40,000 और पेंशनभोगियों के लिए ₹25,000 की राशि को मानक कटौती के रूप में घटा सकते हैं.
- स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम: अपने और अपने आश्रितों के लिए भुगतान किए गए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर धारा 80D के तहत कटौती का दावा किया जा सकता है.
ध्यान दें: यह सिर्फ उदाहरण हैं. आयकर अधिनियम में कई अन्य कटौती का भी प्रावधान है.
छूट (Exemptions)
छूट कुछ ऐसी आय होती है जिन पर आपको कर नहीं देना होता है. इसे आपकी कुल आय में से घटा दिया जाता है.
कुछ सामान्य छूट इस प्रकार हैं:
- मूल छूट (Basic Exemption): वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए, ₹2.5 लाख तक की आय पर कोई कर नहीं लगता है.
- ब्याज आय पर छूट: सावधि जमा (Fixed Deposit) या बैंक खाते आदि से प्राप्त ब्याज आय की एक निश्चित सीमा तक छूट दी जा सकती है.
- शिक्षा ऋण पर ब्याज: शिक्षा ऋण पर भुगतान किए गए ब्याज पर धारा 80E के तहत कटौती का दावा किया जा सकता है.
- विकलांगता के लिए छूट: विकलांग व्यक्तियों को धारा 80U के तहत उनकी आय पर छूट का लाभ मिल सकता है.
निष्कर्ष (Conclusion)
आयकर कटौती और छूट का सही से उपयोग करने से आप अपनी कर देनदारी को काफी कम कर सकते हैं. हालाँकि, कर कानून जटिल होते हैं, इसलिए किसी भी कटौती या छूट का दावा करने से पहले आयकर अधिनियम को仔细阅读 (careful reading - zi xi dute yue du) करने या किसी कर सलाहकार से सलाह लेने की सलाह दी जाती है.
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